Rajasthan से एक चौंकाने वाली और बेहद गंभीर खबर सामने आई है, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने 10 हजार किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब देश भर में 77वें गणतंत्र दिवस (Republic day) को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही हाई अलर्ट पर है।
इस बड़ी बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और इस मामले को सिर्फ अवैध विस्फोटक तस्करी नहीं, बल्कि किसी बड़ी साजिश की आशंका के तौर पर देखा जा रहा है।
कहां और कैसे हुई बरामदगी?
सूत्रों के मुताबिक, यह विस्फोटक सामग्री राजस्थान के एक सीमावर्ती इलाके में छिपाकर रखी गई थी। खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाया और भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किया।
बताया जा रहा है कि बरामद विस्फोटक इतनी मात्रा में है, जिससे कई बड़े हादसों को अंजाम दिया जा सकता था। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह विस्फोटक कहां से आया, किसके लिए था और इसका इस्तेमाल कहां होना था।
गणतंत्र दिवस के मौके पर बढ़ी चिंता
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले इस तरह की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में पहले ही हाई सिक्योरिटी अलर्ट लागू है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना आम आपराधिक मामला नहीं हो सकता। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या थी कोई बड़ी साजिश?
हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
- क्या यह विस्फोटक किसी आतंकी हमले के लिए था?
- क्या इसे गणतंत्र दिवस के दौरान इस्तेमाल किया जाना था?
- या फिर यह अवैध खनन और तस्करी से जुड़ा मामला है?
इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
इस मामले के सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस, ATS और केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
साथ ही, जिन लोगों की इस विस्फोटक सामग्री से कड़ी जुड़ सकती है, उनसे पूछताछ भी तेज कर दी गई है।
स्थानीय लोगों में डर और सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते यह विस्फोटक बरामद नहीं होता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक आखिर इतने समय तक छिपाकर कैसे रखा गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही।
राजस्थान में 10,000 किलो से अधिक विस्फोटक की बरामदगी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले इस तरह की कार्रवाई ने संभवतः एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया है।
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